सवाल और जवाब
रास्ते अनेक है, चलने वाला एक हूँ
मन तो चाहता है , सब पे चल के देख लूँ
समय कम है , गलतियों का गम है
गलतियों से सीख लू , क्या सब पे चल के देख लूँ
कौन सा सही है रास्ता , सच से कैसे करूँ वास्ता
क्या आँखे बंद कर चलूँ , या बैठ जाऊ , या चलना छोड़ दूँ
क्या करू , डर की चादर ओड़ लूँ , या चलु
भ्रम का त्याग कर, डर के साथ चल, हार को जीत कर , कर जतन
शून्य से कूच कर , सूर्य सी हो तपन , भ्रम को राख कर
शून्य पे सवार हो , अब चल
Free Fall by Anant Kumar
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ReplyDeleteVery nice
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ReplyDeleteReally nice 🔥🔥
ReplyDeleteBhadiya bro
ReplyDeleteVery nice 👌
ReplyDeleteGreat🔥
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